बेटी अज की गई
जिसे खूंटे में बाँध दो
और चरणों को थोड़ी सी घाष दाल दो!
वह आज की नारी है!
उसकी प्रगति जारी है!
आज...
जलती हुई
मोम्बात्ति है
और न
पिघलता हुआ मोम
आज की नारी
उन्नति की ऐसी शिला है
जिसके सहयोग से
समाज का नया रूप खिला है!
Welcome to my Hindi poetry blog. This space is dedicated to realistic, meaningful, & profound Hindi poetry that reflects emotions, experiences, and the deeper facets of life. Through my words, my aim is to express feelings and thoughts with which many people can resonate. If you enjoy reading my poems and connect with them, I would be truly grateful. Your support and encouragement inspire me to continue sharing my creativity through poetry.
गुरुवार, 30 दिसंबर 2010
शुक्रवार, 26 नवंबर 2010
हमारा खुदा
हर तरफ
सबसे आगे आने की
दौड़ चल रही थी!
मैं उसमे सबसे
पीछे चल रहा था!
हर बात में ले लिया
करता था
खुदा का इज़ाज़त!
आज खुदा भी
हमसे दूर हो गया था!
प्यार से बुलाया था
जिसे मैंने
आज वो भी मेरा
कोई न रहा!
आज मैं सबसे अलग
रहना चाहता हूँ
तो बुलावा आया आपका!
सबसे आगे आने की
दौड़ चल रही थी!
मैं उसमे सबसे
पीछे चल रहा था!
हर बात में ले लिया
करता था
खुदा का इज़ाज़त!
आज खुदा भी
हमसे दूर हो गया था!
प्यार से बुलाया था
जिसे मैंने
आज वो भी मेरा
कोई न रहा!
आज मैं सबसे अलग
रहना चाहता हूँ
तो बुलावा आया आपका!
मंगलवार, 9 नवंबर 2010
मेरी एक छोटी-सी शायरी
इश्क के गुलशन को गुल गुज़ार न कर!
ऐ नादान इंसान कभी किसी से प्यार न कर!
बहुत धोखा देते हैं मोहब्बत में हुस्न वाले,
इन हसीनो पर भूल कर भी ऐतबार न कर!
दिल से आपका ख्याल जाता नहीं!
आपके सिवा कोई और याद आता नहीं!
हसरत है रोज़ आपको देखूं,
वरना आप बिन जिंदा रह पाता नहीं!
वे चले तो उन्हें घुमाने चल दिए!
वे चले तो उन्हें घुमाने चल दिए!
उनसे मिलने-जुलने के बहाने चल दिए!
चाँद तारों ने छेड़ा तन्हाई में ऐसी राग,
वे रूठे नहीं की उन्हें मानाने चल दिए!
वो मिलते हैं पर दिल से नहीं!
वो बात करते हैं पर मन से नहीं!
कौन कहता है वो प्यार नहीं करते,
वो प्यार तो करते हैं पर हमसे नहीं!
नाबिक निराश हो तो साहिल ज़रूरी है!
ज़न्नत की तलाश में हो तो इशारा ज़रूरी है!
मरने को तो कोई कहीं मर सकता है,
लेकिन ज़ीने के लिए सहारा ज़रूरी है!
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