चलो आज तुम्हें एक पुरानी यादें ताजा कराता हूँ।
मन की बातों को शब्दों की जुबानी बताता हूँ।
क्या तुम्हें वो पल याद है
जब हम पहली बार मिले थे?
जब हम एक-दूसरे से बिल्कुल अंजान थे।
नहीं ना!
लेकिन मुझे याद है
मौसम थोड़ा सुहाना था।
आकाश में बादल भी छाए हुए थे
सड़क पर थोड़ी-सी आवाजाही थी।
फिर हमने एक जगह बैठने की तय की
क्योंकि समय की भी पाबंदी थी
संयोग से दोनों को कॉफी पसंद थी।
तुमने अपने बारे में बताया
और मैंने अपने बारे में बताया।
बातों ही बातों में कुछ चीजें दोनों की मिलने लगी।
इस पहली मुलाकात के बाद
अक्सर ही हम मिलने लगे
एक-दूसरे को जानने लगे।
फिर एक ऐसी दोस्ती की शुरुआत हुई
जो वक्त के साथ और गहरी हो गई।
अब जब कभी हम मिलते हैं
कुछ ऐसी बातें भी साझा कर लेते हैं
जिससे दिल को सुकून मिल जाता है।
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रविवार, 20 अक्टूबर 2024
वो पहला मिलन
सोमवार, 12 फ़रवरी 2024
कहानी ... कुछ सवालों के साथ
सोमवार, 26 जून 2023
कुबूल है
वो लम्हें जो साथ बिताए
वो बातें जो साथ हुई
वो मुलाकातें जो हमने की
क्या तुम्हें कुबूल है?
वो हंसी ठहाके जो संग लगाए
वो हर पल जो खुशी से बीते
वो अपनी जो एक अच्छी यारी हुई
क्या तुम्हें कुबूल है?
वो वादे जो एक दूसरे से हमने लिए
वो कसमें जो साथ मिलकर खाई
वो नए रिश्ते जो हमारे बने
क्या तुम्हें कुबूल है?
वो रूठना मनाना जो हमने किया
वो दूर होकर पास आना जो हमेशा होते रहा
वो हर मुलाकात जो प्यारा बना
क्या तुम्हें कुबूल है?