गुरुवार, 13 मई 2010

अपनी ख्वाहिश

लोगो को देखा तो ये सोच आया
हम अपनी कोशिशें रहेंगे ज़ारी!
सफलता को छूने के लिए करेंगे मेहनत
अपनी खवाहिशें न रहने देंगे अधूरी!

इस सोच को न बदलने देंगे
आये हर सफलता को न जाने देंगे!
होगी यही कोशिश की करें खुद भी मेहनत
कुछ न छूटे, इसलिए हम लें सबसे मदद!

शनिवार, 15 अगस्त 2009

पूछ लो दिल से

मंजिल-मंजिल सोच रहा था!
कदम-कदम पर खोज रहा था!
नहीं मिला तो मैं आज तक
तरप-तरप कर मर रहा था!

पूछता था हर कोई
क्या हुआ है, बता तू?
उनसे डर कर, सोच-सोच कर
मैं ये दिल से पूछ रहा था!

नसीब में मेरे क्या लिखा था
ये मैं नहीं जानता था!
आगे क्या होगा मेरा
ये मैं नहीं जानता था!

पूछ लो दिल से
ये दिल कह रहा है!
खुश हो जाओ दिल से
ये दिल कह रहा है!

शुक्रवार, 24 जुलाई 2009

कुछ नए पल

एक नया एहसास लेकर
मैं निकला हूँ
नए जीवन जीने की
छोर पकरने !
एक नई खुशी लेकर
मैं निकला हूँ
अपनी उदासी को
अलविदा कहने !
कुछ नए पल
जीने को मिले
ये सोचकर निकला हूँ
अपनी मंजिल ढूँढने !

दिल की उदासी दूर हो !
दिल को खुशी हो !
दिल में नया एहसास जगे !
दिल की प्यास बुझे !
ये सोचकर निकला हूँ
मैं अपनी खुशी ढूँढने !